Sehat Vati

World’s No 1 Weight Gain Formula Buy 1 Get 1 Free

Order on Call

+91-7291975575

वजन बढ़ाने के लिए

आयुर्वेद के अनुसार वजन बढ़ाने के आसान और प्रभावी उपाय  

आज के समय में जहां अधिकतर लोग वजन घटाने पर ध्यान देते हैं, वहीं कुछ लोग अपने शरीर की मजबूती और स्वास्थ्य के लिए वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि आप भी अपना वजन प्राकृतिक तरीके से बढ़ाना चाहते हैं, तो आयुर्वेद में इसके लिए कई प्रभावी और सुरक्षित उपाय बताए गए हैं। आयुर्वेद के अनुसार, वजन बढ़ाने के लिए सबसे पहले पाचन तंत्र को मजबूत बनाना जरूरी है। सही पाचन से ही शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे वजन बढ़ता है। इसके लिए घी और दूध का सेवन अत्यंत लाभकारी माना जाता है। एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच घी मिलाकर रोजाना पीने से वजन तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा, अश्वगंधा और च्यवनप्राश जैसे आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और भूख बढ़ाने में मदद करते हैं। आंवला और त्रिफला का सेवन करने से भी पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है। 

संतुलित आहार, सही दिनचर्या और हल्का व्यायाम भी वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं। अगर आप 15 दिनों में तेजी से वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको आयुर्वेदिक उपायों के साथ-साथ संतुलित आहार और हल्का व्यायाम अपनाना होगा। रोजाना घी, दूध, और ताजे फल का सेवन करें। साथ ही, अश्वगंधा और च्यवनप्राश जैसे आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स से शरीर को पोषण मिलेगा। नियमित रूप से हल्का व्यायाम और योग भी वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं। हालांकि, वजन बढ़ाने के लिए सिर्फ जड़ी-बूटियों का सेवन ही पर्याप्त नहीं है। सही आहार और दिनचर्या भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। संतुलित आहार जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और स्वस्थ वसा हो, शरीर को पोषण देता है, और हल्का व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे वजन बढ़ता है।

15 दिनों में वजन बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेद में कई प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं और पाचन तंत्र को संतुलित रखते हैं। सही आहार, जड़ी-बूटियां और दिनचर्या अपनाकर 15 दिनों में स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाया जा सकता है। घी, दूध, सोंठ, त्रिफला, और अश्वगंधा जैसे आयुर्वेदिक उपाय इसमें सहायक होते हैं।

  1. घी और दूध का सेवन करें

आयुर्वेद में घी को अत्यंत पौष्टिक माना जाता है क्योंकि यह ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है। एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच घी मिलाकर रोजाना पिएं। यह वजन बढ़ाने में सहायक होता है और हड्डियों को मजबूत करता है, पाचन सुधारता है और त्वचा को चमकदार बनाता है।

  1. सोंठ और शहद का मिश्रण

एक चम्मच सोंठ पाउडर को शहद के साथ मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करें। यह मिश्रण पाचन को बेहतर बनाता है, भूख बढ़ाता है और शरीर को अधिक पोषण प्रदान करता है, जिससे वजन बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही, यह मेटाबॉलिज्म को सुधारकर इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है।

  1. आंवला और त्रिफला का सेवन

आंवला और त्रिफला शरीर की क्षमता को बढ़ाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, जिससे पोषक तत्वों का सही अवशोषण होता है और वजन बढ़ता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद करता है।

  1. पौष्टिक आहार का सेवन करें

आयुर्वेद में पौष्टिक और ताजे आहार को सर्वोत्तम माना जाता है। ताजे फल, दूध, दही, दलिया और घी जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को पोषण प्रदान करते हैं और वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। ये खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र को संतुलित करते हैं और शरीर को स्वस्थ रखते हैं।

  1. तुलसी और हल्दी का सेवन करें

तुलसी और हल्दी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं और शरीर को ताकत देती हैं। इन दोनों का नियमित सेवन न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि यह वजन बढ़ाने में भी सहायक होता है। यह पाचन को सुधारते हुए शरीर में ताकत और वजन बढ़ाते हैं।

मोटा होने का रामबाण उपाय

  1. स्वस्थ आहार:

केलोरी से भरपूर खाद्य पदार्थ: साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दूध, घी, अंडे, मांस, मछली, और नट्स।

 

प्रोटीन: मांसपेशियों के विकास के लिए प्रोटीन महत्वपूर्ण है, इसलिए अपने आहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

 

कार्बोहाइड्रेट: ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट आवश्यक हैं, इसलिए अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट शामिल करें।

 

वसा: स्वस्थ वसा भी आवश्यक हैं, इसलिए अपने आहार में स्वस्थ वसा युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

 

दूध और घी: दूध, घी, और अन्य डेयरी उत्पाद प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं।

 

मखाना: मखाना प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

 

अंडे: अंडे प्रोटीन और फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं।

 

केला: केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत है और इससे केलोरी की मात्रा भी ज्यादा होती है।

 

आंवला: आंवला शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है।

 

  1. नियमित व्यायाम:

वेट ट्रेनिंग: मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वेट ट्रेनिंग करें।

 

कार्डियो: हल्का व्यायाम मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है और वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

 

योग: योग से पाचन तंत्र और भूख में सुधार होता है, जो वजन बढ़ाने में मदद करता है।

 

  1. पर्याप्त नींद:

पर्याप्त निद्रा: रोजाना 7-8 घंटे की गहरी और निर्बाध नींद लें, क्योंकि अच्छी नींद शरीर की समग्र कार्यक्षमता को बढ़ाती है। यह शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और पुनर्निर्माण में सहायक होती है। नींद के दौरान ग्रोथ हार्मोन का स्राव होता है, जो मांसपेशियों की वृद्धि और वजन बढ़ाने में मदद करता है। अच्छी नींद तनाव को कम करती है, ऊर्जा स्तर को बनाए रखती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखती है। इसलिए, सोने से पहले एक शांत वातावरण बनाएं और स्क्रीन टाइम कम करें ताकि गहरी नींद प्राप्त हो सके।

 

  1. अन्य सुझाव:

पानी: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि शरीर को हाइड्रेटेड रखना आवश्यक है। पानी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है।

 

तनाव कम करें: तनाव शरीर की वजन बढ़ाने की क्षमता को कम करता है, इसलिए इसे दूर करने के लिए नियमित रूप से योग, ध्यान और अन्य रिलैक्सेशन तकनीकों का अभ्यास करें। तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाने से मेटाबॉलिज्म सही रहता है और शरीर स्वस्थ रहता है।

 

चिकित्सीय सलाह: अगर आपका वजन बहुत कम है और बढ़ नहीं रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की संभावना को नज़रअंदाज न करें और एक विशेषज्ञ से परामर्श लेकर सही उपाय अपनाएं।

 

  1. आयुर्वेदिक उपाय:

अश्वगंधा और दूध: अश्वगंधा को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली हर्ब माना जाता है, जो शरीर को संपूर्ण ऊर्जा प्रदान करता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मानसिक तनाव को कम करता है। इसे गर्म दूध के साथ लेने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, हड्डियां ताकतवर बनती हैं और सहनशक्ति में वृद्धि होती है। नियमित सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्म संतुलित रहता है, जिससे वजन बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होती है।

 

मखाना और दूध: मखाना एक पोषण से भरपूर सुपरफूड है, जो प्रोटीन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। इसे दूध के साथ सेवन करने से मांसपेशियों का निर्माण होता है और शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है। मखाना हड्डियों को मजबूत करता है, पाचन में सुधार करता है और शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखने में सहायक होता है।

 

सौंठ और घी: सौंठ (सूखी अदरक) आयुर्वेद में एक प्रभावी औषधि मानी जाती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करती है, भूख बढ़ाती है और शरीर को अतिरिक्त पोषण देती है। इसे घी के साथ मिलाकर सेवन करने से पेट की समस्याएं दूर होती हैं और शरीर को आवश्यक वसा और पोषक तत्व मिलते हैं। यह मिश्रण शरीर की गर्मी को संतुलित करता है और मांसपेशियों को ताकत देता है।

 

तुलसी और शहद: तुलसी आयुर्वेद में एक चमत्कारी जड़ी-बूटी मानी जाती है, जो पाचन तंत्र को सुधारती है और शरीर को डिटॉक्स करती है। शहद के साथ तुलसी का सेवन करने से शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और वजन बढ़ाने में सहायता मिलती है। यह मिश्रण शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और हड्डियों व मांसपेशियों की मजबूती में सहायक होता है।

 

इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर आप प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से अपना वजन बढ़ा सकते हैं। अश्वगंधा और दूध मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और सहनशक्ति बढ़ाते हैं। मखाना और दूध हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में सहायक होते हैं। सौंठ और घी पाचन को बेहतर बनाते हैं और भूख बढ़ाते हैं। तुलसी और शहद शरीर को डिटॉक्स करके ऊर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव मुक्त जीवनशैली से वजन बढ़ाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक हर्ब्स

आयुर्वेद में कई प्राकृतिक वेट गेनर मौजूद हैं जो शरीर को पोषण देते हैं और वजन बढ़ाने में सहायता करते हैं। इन आयुर्वेदिक हर्ब्स का सेवन शरीर को ताकत और ऊर्जा देने के साथ-साथ वजन बढ़ाने में मदद करता है। निम्नलिखित हर्ब्स को आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं:

1. अश्वगंधा

अश्वगंधा एक प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है, सहनशक्ति बढ़ाती है और मांसपेशियों को मजबूत करती है। इसके नियमित सेवन से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है और शरीर में ताकत आती है। 

2.गोकृष्णारिष्ट

यह आयुर्वेदिक टॉनिक भूख को बढ़ाता है और पाचन तंत्र को सुधारता है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और वजन बढ़ाने में मदद मिलती है। यह विशेष रूप से कमजोर शरीर वाले लोगों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि यह ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है।

3.गोक्षुर

गोक्षुर एक प्रभावी आयुर्वेदिक हर्ब है जो शरीर की ऊर्जा और ताकत को बढ़ाता है। इसका नियमित सेवन वजन बढ़ाने में सहायक होता है और यह पाचन तंत्र को सुधारता है, जिससे शरीर को बेहतर पोषण मिलता है। यह विशेष रूप से कमजोर शरीर वाले लोगों के लिए फायदेमंद है।

4.सप्तामृत लौह

यह आयुर्वेदिक आयरन सप्लीमेंट शरीर में रक्त की कमी को दूर करता है और वजन बढ़ाने में सहायक होता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जिन्हें कमजोरी, थकावट या शरीर में खून की कमी होती है। इसके सेवन से शरीर में ऊर्जा और ताकत बढ़ती है।

5.त्रिफला

त्रिफला एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक हर्ब है जो पाचन तंत्र को सुधारने और शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करता है। यह शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और वजन बढ़ाने में सहायता मिलती है। इसका सेवन पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।

आप इन आयुर्वेदिक हर्ब्स का सेवन अपने आहार में शामिल करके प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ा सकते हैं। अश्वगंधा, गोक्षुर, त्रिफला, गोकृष्णारिष्ट जैसे हर्ब्स शरीर को आवश्यक पोषण और ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे वजन बढ़ाने में मदद मिलती है। ये हर्ब्स पाचन तंत्र को सुधारते हैं, भूख बढ़ाते हैं और मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर का समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है। यदि आप इन हर्ब्स के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं या इन्हें खरीदना चाहते हैं, तो आप Sehatvati वेबसाइट पर जा सकते हैं।

आयुर्वेदिक टिप्स जो वजन बढ़ाने में मदद करेंगे

सिर्फ जड़ी-बूटियों का सेवन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही आहार और दिनचर्या भी जरूरी है। आयुर्वेद में संतुलित आहार, सही समय पर भोजन, और नियमित व्यायाम की अहमियत पर जोर दिया जाता है। ताजे फल, सब्जियां, दलिया, दही, और घी जैसे पोषक आहार शरीर को ताकत और ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, हल्का व्यायाम और योग शरीर की सहनशक्ति को बढ़ाते हैं और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जैसे अश्वगंधा, च्यवनप्राश और गोक्षुर का सेवन शरीर में पोषण का सही स्तर बनाए रखता है। सही दिनचर्या के साथ इन उपायों को अपनाने से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

 

  1. संतुलित आहार लें
  • अपने आहार में ताजे फल, सब्जियां, दलिया, दही और घी को शामिल करें।

  • प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार शरीर को आवश्यक पोषण देता है।

  • नियमित रूप से घी, दूध, दही, और ताजे फल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और वजन बढ़ता है।

  • आयुर्वेद में हर भोजन को सही मात्रा और संतुलित रूप में खाने पर जोर दिया जाता है।

  1. भोजन को सही समय पर करें
  • आयुर्वेद के अनुसार, भोजन को सही समय पर लेना बहुत महत्वपूर्ण है।

  • सुबह का नाश्ता दिन की शुरुआत के लिए सबसे अहम है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।

  • दोपहर का भोजन मध्याह्न सूर्य के समय (12 बजे से 2 बजे के बीच) किया जाए तो पाचन बेहतर होता है।

  • रात का खाना हल्का और समय पर करें ताकि शरीर रात भर आराम से पच सके।

  • समय पर भोजन करने से शरीर में ऊर्जा का स्तर सही रहता है और वजन बढ़ने में मदद मिलती है।

  1. आलस्य से बचें
  • केवल आहार से वजन नहीं बढ़ेगा, हल्का व्यायाम और योग जरूरी है।

  • योग और हल्का व्यायाम शरीर के मेटाबॉलिज्म को सुधारते हैं, जिससे पाचन बेहतर होता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

  • सुबह के समय थोड़ा व्यायाम करना, जैसे वॉक, हल्की स्ट्रेचिंग, या प्राणायाम करना, शरीर में ऊर्जा भरता है।

  • शरीर को एक्टिव रखने से वजन बढ़ाने की प्रक्रिया में मदद मिलती है और स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

  1. प्राकृतिक आहार लें
  • आयुर्वेद में ताजे और प्राकृतिक आहार का सेवन सर्वोत्तम माना जाता है।

  • ताजे फल, हरी सब्जियां, घर का बना भोजन और प्राकृतिक सामग्री जैसे अदरक, हल्दी, और लौंग शरीर के लिए अधिक लाभकारी हैं।

  • प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचना चाहिए, क्योंकि वे शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

  • प्राकृतिक आहार शरीर को समग्र पोषण प्रदान करता है, जिससे वजन बढ़ने के साथ-साथ शरीर की शक्ति और सहनशक्ति भी बढ़ती है।

निष्कर्ष

आयुर्वेदिक उपाय न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि यह वजन बढ़ाने का एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका भी है। आयुर्वेद में ताजे और प्राकृतिक पदार्थों का सेवन वजन बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी माने जाते हैं। घी, दूध, सोंठ, त्रिफला और अश्वगंधा जैसे आयुर्वेदिक पदार्थों का नियमित सेवन शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है। इन उपायों के साथ-साथ संतुलित आहार और सही समय पर भोजन का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद के अनुसार, सही पाचन तंत्र के माध्यम से शरीर को पूरी तरह से पोषण मिलता है, जिससे वजन बढ़ता है। हल्का व्यायाम और योग भी शरीर को मजबूत करता है और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है।

यदि आप प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनाएं। आयुर्वेद में जो संतुलन और समग्र स्वास्थ्य पर जोर दिया गया है, वही आपके वजन बढ़ाने के प्रयासों में सहायक होगा। इन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ जीवन का आनंद लें।

आयुर्वेदिक वजन बढ़ाने वाले उत्पादों के लिए Sehatvati पर जाएं, जहां आप सुरक्षित और प्रभावी वेट गेन सप्लीमेंट्स की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।